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मंगलवार, 15 जनवरी 2019

2018 : सिनेमा जगत

2018 की कुछ मजबूत फिल्में जिन्हें खाली समय में देखना बेवकूफ बनना नहीं होगा....|
ये सब मेरी पसंदीदा फिल्में है जो बहुतों को पसंद भी है और बहुत सारे नामी क्रिस्टिक्स ने उन्हें भाव भी नहीं   दिया | इस बार समय के आभाव में कहानी के निष्कर्ष नहीं बता पाउँगा बल्कि मैं उन्हें 10 में से रेटिंग दूँगा |

(नोट - 10 में से रेटिंग जो दूँगा वो कहानी में कितना दम है ( Storyline ), उसे दर्शकों के सामने कितने अच्छे से पेश किया गया है ( Screenplay) , सारे प्रमुख और सहायक अभिनेताओं की एक्टिंग कितनी अच्छी है ( acting ) और कहानी के निष्कर्ष में भी कितना दम है, पर आधारित है )

नोट- यहाँ सिर्फ अच्छे फिल्मों की ही लिस्ट है और उन्हीं में तुलना करके 10 में रेटिंग दिया गया है |

  • Bhavesh Joshi Superhero           9/10
  • Tumbbad                                    9/10
  • Pihu                                            8/10
  • Raazi                                          8/10
  • Andhadhun                                 8/10
  • Laila Majnu                                8/10
  • Bioscopewala                             8/10 
  • Billu Ustaad                               8/10
  • 3 Storeys                                    8/10
  • Manto                                        7/10 
  • Zero                                           7/10
  • Padmavat                                   7/10
  • October                                      7/10 
  • Tigers                                        7/10 
  • Hichki                                       7/10
  • 102 Not Out                              7/10
  • Mulk                                         7/10
  • Love sonia                                7/10
  • Mohalla assi                             7/10  
  • Parmanu                                   7/10
  • Padman                                    6/10
  • Stree                                         6/10  
  • Omerta                                     6/10 
  • Baazaar                                    6/10  
  • Gold                                         6/10
  • Badhai ho                                 6/10
  • Kuch Bheege Alfaaz                6/10 
  • Baaghi 2                                    6/10
  • Raid                                         5/10
  • Blackmail                                5/10
  • Sanju                                        5/10
  • Karwaan                                  5/10
  • Sui dhaaga                               5/10 
  • Patakha                                    5/10
  • Sonu Ke Titu Ki Sweety         5/10
  • Mitro                                       5/10 
  • Vodka Diaries                         5/10  
  • Beyond the Clouds                  5/10
  • Hope Aur Hum                       5/10  




2018 वेब सीरीज के लिए भी बड़ा चर्चा में रहा, तो मैं कुछ वेब सीरीज का भी नाम दूंगा जो बहुत ही अच्छे सन्देश के साथ बना है और एक्टिंग करियर की दुनिया में क्रांति लाया है | अब लोगों को अपने शौक और जूनून को पूरा करने के लिए फिल्म इंडस्ट्रीज के अलावा कई प्लेटफार्म मिल गए है |
तो ये रहा कुछ अच्छे वेब सीरीज और उनकी रेटिंग -

  • Sacred Games                                                         9/10
  • Inside Edge                                                             8/10
  • Breathe                                                                    8/10
  • The test Case                                                         8/10   
  • A.I.SHA: My Virtual Girlfriend                             7/10
  • Yeh Meri Family                                                     7/10
  • Girl in the City                                                        7/10
  • Apharan                                                                   6/10
  • Love per square foot                                             6/10  






Thanks to all writers, Directors and Actors for these movies.  😃

रविवार, 25 नवंबर 2018

माटी

माटी माटी 
मैं भी माटी , तू भी माटी 
है रंग रूप की कीमत माटी 
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी 
किस भाव की है तेरी माटी ?
हर हथियार और हर पहलवान है माटी
हर गरीब , हर अमीर है माटी
हर रक्षक और हर भक्षक माटी
है मंत्री और संत्री भी माटी
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी
किस भाव की है तेरी माटी ?
जो खाया सोया वो भी माटी
जो जगा और पाया वो भी माटी
जो बनाया और चमकाया वो भी माटी
जो निखरा जो पहना वो भी माटी
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी
किस भाव की है तेरी माटी ?
कृष्ण बना तेरी माटी
या कंस बना तेरी माटी ?
धैर्यशक्ति की नीव पर मानवता का आधार है तेरी माटी ?
या लुटेरा शासनकर्ता सा दिखावटी एहसान बनी तेरी माटी ?
दलित भी माटी क्षत्रिय भी माटी
धर्म के काजी और ध्वज के काजी
सब है माटी
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी
किस भाव की है तेरी माटी ?
आश्रय बना है तेरी माटी ?
या निर्लज अनंत लक्ष्य बना है तेरी माटी ?
कल्पना बना हुआ आलसी है तेरी माटी ?
या खुसबू बिखेरता हुआ हँसता है तेरी माटी ?
अर्थ अनर्थ की होड़ में लगा है तेरी माटी ?
या अक्ल और अवसर के साथ रौशनी भी खोजता है तेरी माटी ?
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी
किस भाव की है तेरी माटी ?
जिन्दा माटी से इश्क़ करता है तेरी माटी ?
या ख्याति खातिर धनवान मुर्ख है तेरी माटी 
उचित अनुचित की पहचान तो कर
शासन छोड़ कर लोगो से प्यार तो कर
जाने कब हो जाये तेरी माटी , माटी माटी ?
बस ढूंढ जरा तू अपनी माटी
किस भाव की है तेरी माटी ? 

शुक्रवार, 4 मई 2018

आवाज़ 3

1.  बातें जोर पे नहीं वफ़ा पे होता है  
      पुलिंदे तो झूठ का होता है
      सच्चाई में सिर्फ गहराई होती है
      इजहार ऐ ताकत पे गौर नहीं करो
      ताकत तो झूठ का भी ज्यादा होता है
      इंतजार-इ -हद भी होता है
      इसलिए
     उसके वादे का अब मुन्तजिर नहीं
     काफी समय बर्बाद भी होता है |

2.  फूलो पे धूल हो तो निराश नहीं हो
      बारिशे आगाज लाएंगी
      कस्ती तो वहां डूबेगी
     जब फुल ही मुरझाया हो
   आफताब को ढूंढने में उम्र जया ना करो
   किचडो के बीच से कमल भी निकलता है |

3.  कही खो गया हु मैं
     मुझे तलाशो
     मैंने बुद्धा को तराशा
     तुम हिन्दू मुस्लिम करते हो
     मैं तो महावीर था
    तुम बाहुबली से अब लिपटे हो
    मैं मिथिला की सीता थी
   जहा प्रेम पत्तो सा यु झड़ता था
   अब नफरत की उबाल वहाँ पर
   इंसान इंसान को मारते हो
   मैं पराक्रमी और शांतिदूत अशोक था
   तुम सहाबुद्दीन मक्कारो से डरते हो
  अब भी अगर ढूंढ न सको तो
  याद करो तुम कुंवर को
  खुद का मान भूल चुके हो तो
  सम्मान कर लो देश-रतन को              
  गुस्से से लौटो तुम
  अब बहुत जल चूका हु मैं
  दंगो से तुम वापस आओ
  मैं बिहार, मुझे बचाओ 
  तुम सब में ही मर रहा हु मैं |
#Communal_Riots_In_Bihar

4. मेरा वजूद खोजने वालो
    मुझे मेरी बातो में खोजो
    मै कौन और कहा हूं
    मेरी आलेखो में खोजो
  छोड़ो ये फरियादी रिश्तेदारियां
  मुझे बस मुझमें खोजो

5. इबादत की तलब है ?
   चलो मजहब छोड़ते हैं 
   जूनून-ऐ-कारवां ढूंढ़ते हैं
   नूर-ऐ -जहां खोजते हैं 
   मंजिल-ऐ -मुन्तजिर कब तक ढूंढोगे ?
    चलो
    चलो इश्क़ करते हैं |

6. नाजायज रसूख ने तुझे मार डाला 
    जहा थी बचत वहा भी खपत कर डाला 
    जड़े भूल कर आसमान की सैर में निकला 
    इनायतें कम हो गयी 
   जुस्तजू बढ़ती चली गयी 
   तूने तेरी रूहानियत को खुद ही मिट्टी में मिला डाला |


7. सुनो खिलाफी मत होना,
     बस धीरे से छोड़ देना |
    हा जरिये बहुत है,
    मजे लेना,
   पर मेरे जरिये को गाली मत देना | 
   बेशक रूठ जाना,
   पर गिला मत रखना |
   जिंदादिल हु,
   मेरे कानो को भर देना,
   शिकवे गैर से मत कहना,
  आगाजी मत होना |
  खिलाफी मत होना |


8. तू तू मैं मैं था 
   गठीले हाथ और हथियार था 
   दो दल और फौज था 
   सबमें अक्ल और अकबर था   
   सबपे अवसर और अख़बार था 
   हम दोनों दुश्मन थे 
   आखिर में आक़िबत ये हुआ 
   की हम हार गए 
  क्युकि उनके दल में एक हँसता हुआ नूर था 

9. हम सगे की दौलत पे 
   मौसिकी का मज़ा लेते रहे 
   और मुद्दते बाद तक 
   हम उनको बख़ील कहते रहे 
    रौशनी की अति ने 
   हमसे हमारा छाया छीना
   हम जिफाफ़ के लिबास में जिस्म उड़ाते रहे 
  आज हमारा पाला अपने साये से जो पड़ा
  आह की आहट से सगे को पिता का तबका मिला  
 
10.  जब भी मिलती हो ,
         पलके मुस्तकीम हो जाती है |
         जब भी कुछ कहती हो ,
         आहटे और कोहराम खामोश सा लगता है |
         ऐहतमामे कर के बैठता हूं,
         कागज पे उकेरी जो गई हो ,
        कहानी 
         जब भी कुछ कहती हो |


  






 

सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

आलंगन

कभी तो तुम आओ यहाँ 
    सांस तो तुम लो यहाँ 
    हवा मचल के आएगी 
   तुम्हारा पता दे जाएगी 
  मैं दौड़ के वहाँ आऊंगा 
  पालकी में ले जाऊंगा 
 हर नजर से तुम छुप जाओगी 
 बस तुम मेरी हो जाओगी 
 हर वसीयते है यहाँ 
 तुम अपना गिला भूल जाओगी 
 तुम्हे प्यार हो जायेगा 
 फिर मेरा मकसद मिल जायेगा 
 आँधियो को मना लूंगा 
 बादलों से दोस्ती 
 फिर बरखा राह न रोकेंगे 
 सितारे झिलमिलायेंगे 
 हवा साथ गाएगी 
 रफ्ता रफ्ता सब नाचेंगे 
 बहुत दुआए बरसेंगी 
 बस तुम मेरी हो जाओगी |

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

जब उन्होंने हाँ बोला

एक सिहरन सी उठी 
    हर कर्कश आवाज़ मधुर बनी
    मेरे पतले बिस्तर गद्देदार लगे 
    अचानक मै मोटा लगने लगा 
    हर धीमी हवा महसूस हुआ 
    मन की हंसी लगातार हुई
    जब उन्होंने हाँ बोला
    मैंने रब का ही काम किया
   क्या फर्क कब कितना बदनाम हुआ
   हर खुशी देने की आस हुई
   क्या फर्क मै कितना धनवान हुआ
  इतना खूबसूरत सा लगा मै
  क्या फर्क शीशा कितना बदनाम हुआ
  ये रंग,नदिया,समंदर
, ये सुहाना मौसम
 ये हवा में नमी
 ये फूल,ये बागान
 ये नींद,ये शर्मिंदगी
 ये मुकद्दर और ये मोहब्बत
 सब हकीकत लगा
 जब उन्होंने हाँ बोला

बुधवार, 7 फ़रवरी 2018

दे दो गुलाब

प्यार है तो आहट दो 
     आवाज नहीं ,आहत बरसेगा
     चलो थोड़ी दुरी ही सही
     लेकिन हम पे अणिमा इबादत बरसेगी
     छुपकर सही मिलते तो है 
     कम ही सही कहते तो है
     मिलने के लिए सजते तो है
     दे दो बस एक गुलाब दूर हो जाओ मुझसे
     खामोशिया है तो महकमे सोये है
     जगाओ नहीं
    अगर मजहबी पाव सिरहने लगी तो
    नाम बहुत से आएंगे
    किसी फतवे को रोक नहीं पाओगे
   और साथ में हम मर भी नहीं पाएंगे
   कोई अमर गाथा नहीं होगी
   ढोंगी लब्जो पे गाली लगेंगे
   इसलिए
   दे दो गुलाब और हॅसते हुए दूर हो जाओ मुझसे
   कुछ नहीं तो मेरे प्यार की दुआ बरसेगी I

गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

रहमान



हमेशा की तरह ठण्ड की मार दिल्ली झेल रही थी | नए वर्ष का उल्लाश जोरो पे था | लोगो को बधाई देने की तवादते लगी हुई थी | और अनामिका बुफेट (रेस्टुरेंट) के पास लगभग 30 min से रहमान का इंतज़ार कर रही थी |

आज रहमान ने अपने बिजी दिनों में से और थकानो से उप्पर उठकर और बिना जाहिर किये अनामिका को बुफेट (रेस्टुरेंट ) के पास बुलाया था |

थोड़ी देर में रहमान बुफेट रेस्टुरेंट पंहुचा जो की साउथ दिल्ली के खास जगह पे था प्रेमियो का जमावड़ा लगा रहता था लेकिन उस भीड़ में भी बाकि दिल्ली से शांत और खिला हुआ जगह था वो |

रहमान उस जगह को खास वजह से चुना था | वहाँ किताबो की दुकाने थी ,सस्ती किताबे ,और कहानियो की किताबे और आर्ट गैलरी थी जो अनामिका को बहुत पसंद थी |

रहमान को पहुंचते देख अनामिका ने मुँह फेर लिया गुस्से में | उस गुस्से की खूबसूरती रहमान ने तो देखा था लेकिन वैसी अदा अनामिका का वो पहली बार देख रहा था |

वो मन मन ही सोचने लगा उसकी पसंद बिलकुल ठीक है |

वो अपना समय अनामिका को मनाने में बर्बाद नहीं करना चाहता था सो उसने उसकी ऊँगली पकड़ कर खींचते हुए फौवारो के बीच की जगह ले गया |

रहमान का भीड़ में इतनी हिम्मत और जगजाहिर वाली काया देख के अनामिका हैरान थी |

उसके आंखे अब अपनी उफान से भर चुकी थी | वो बस प्यार से किनारे से छलकने वाली थी |
अब लगभग वो समझ चुकी थी की आगे क्या होने वाला है |  तभी अचानक "जेहनासिब जेहनासिब ....तुझे चाहु बेतहासा जेहनासिब" गाना बजने लगा |
रहमान अनामिका को अजीब सी निगाहो से देख रहा था | बिना पलके झपके रहमान अनामिका के आँखों में ऐसे देख रहा था मानों वो दुनिया की सबसे खूबसूरत झील का अपने आँखों को दीदार करा रहा हो |
रहमान भी समय नहीं गवाना चाहता था | रहमान ने अनामिका को शादी के लिए आग्रह किया |
अनामिका ने खुशी से हामी भर दी |
रहमान और अनामिका की शादी 2  महीने बाद होना तय हुआ |
एक दिन रोड एक्सीडेंट में रहमान के मरने की खबर अनामिका को मिली | अनामिका बहुत रोई और नम आँखों से रहमान को विदाई दी |
2  महीने बीत गए अनामिका रहमान को भूल नहीं पायी थी |

फिर अनामिका को मिला राहुल | राहुल और अनामिका के बीच नजदीकियाँ आती गयी | एक दिन राहुल ने अनामिका को शादी के लिए प्रोपोज़ किया |
अनामिका मान गई लेकिन एक शर्त पे की राहुल अपना नाम रहमान कर लेगा , शादी के बाद |
राहुल मान गया |
फिर एक दिन राहुल की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गयी |
अनामिका को ये खबर मिली वो बहुत रोई | अनामिका ने राहुल को नम आँखों से विदा किया |
2 महीने हो गए अनामिका रहमान को भूल नहीं पायी |

फिर अनामिका को मिला गिरीश |
गिरीश और अनामिका के बीच नजदीकियाँ आती गयी | एक दिन गिरीश  ने अनामिका को शादी के लिए प्रोपोज़ किया |
अनामिका मान गई लेकिन एक शर्त पे की गिरीश अपना नाम रहमान कर लेगा , शादी के बाद |
गिरीश मान गया |
फिर एक दिन गिरीश की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गयी |
अनामिका को ये खबर मिली वो बहुत रोई | अनामिका ने गिरीश  को नम आँखों से विदा किया |
2  महीने हो गए अनामिका रहमान को भूल नहीं पायी |

फिर अनामिका को मिला अमिश |
अमिश और अनामिका के बीच नजदीकियाँ आती गयी | एक दिन अमिश ने अनामिका को शादी के लिए प्रोपोज़ किया |
अनामिका मान गई लेकिन एक शर्त पे की अमिश अपना नाम रहमान कर लेगा , शादी के बाद |
अमिश मान गया |
फिर एक दिन अमिश की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गयी |
अनामिका को ये खबर मिली वो बहुत रोई | अनामिका ने अमिश को नम आँखों से विदा किया |
2 महीने हो गए अनामिका रहमान को भूल नहीं पायी |

फिर अनामिका को मिला कार्तिक |
कार्तिक और अनामिका के बीच नजदीकियाँ आती गयी | एक दिन कार्तिक ने अनामिका को शादी के लिए प्रोपोज़ किया |
अनामिका मान गई | २ महीने बाद दोनों ने शादी कर ली |
"कार्तिक वेड्स अनामिका" |
2 महीने हो गए शादी को अनामिका कार्तिक को भूल नहीं पायी |

कार्तिक जिन्दा है, रहमान जिन्दा है |









                                   (image source-"drawing of sketch"-anonymous' small website)

गुरुवार, 30 नवंबर 2017

आवाज 2

1.  बाजार खुला है आवाम देख रही है ,
     हजारो के बीच शाहजहां आया है मुमताज देख रही है ।

2.  डर लगता हैं डरने से...

3.  डरा हुआ आदमी ही डराता है |

5.   प्यार है तो आहट दो 
     आवाज नहीं ,आहत बरसेगा
     चलो थोड़ी दुरी ही सही
     लेकिन हम पे अणिमा इबादत बरसेगी
     छुपकर सही मिलते तो है 
     कम ही सही कहते तो है
     मिलने के लिए सजते तो है
     दे दो बस एक गुलाब दूर हो जाओ मुझसे
     खामोशिया है तो महकमे सोये है
     जगाओ नहीं
    अगर मजहबी पाव सिरहने लगी तो
    नाम बहुत से आएंगे
    किसी फतवे को रोक नहीं पाओगे
   और साथ में हम मर भी नहीं पाएंगे
   कोई अमर गाथा नहीं होगी
   ढोंगी लब्जो पे गाली लगेंगे
   इसलिए
   दे दो गुलाब और हॅसते हुए दूर हो जाओ मुझसे
   कुछ नहीं तो मेरे प्यार की दुआ बरसेगी


6. आना आज मधुशाला 
    हर बैर मिटाने आऊंगा 
    कहना है तुमसे कुछ बाते 
    कुछ गलतफहमियां दूर करने आऊंगा 
    साजिशे है बागवतो की 
    तुम्हे बतलाने आऊंगा
    तुम बोली भूल गयी हो
    हमारी बोली मुहब्बत है
    तुम भूल जाओ हिंदुस्तानी भाषा
    ये उक्ति सिखाने आऊंगा ,बस सुक्ति तुम साथ लाना
    ऐब दिखाना हिम्मत नहीं
    माफ़ी देना लेना हिम्मत है
    तुम कलेजा हाथ पे ले आना
    तुम आना आज मधुशाला 


7. आना है तो आओ
    काटे भले ज्यादा है लेकिन सुकून की 
    रोना है तो जाओ 
    कारण बहुत से है मुस्कान की 
    मरने जीने के वादे ना करो 
    ये पल ही जिंदगी है
    शिकायते हमको भी है
   लेकिन जिन्दा हु यही बहुत है
   बगावत तो हम करते रहेंगे
   आरोप भी हमपे बहुत लगते रहेंगे
   लेकिन चाहो तो जीवन संगीत बने
   स्वर्ग नरक सब यही सजते रहेंगे
   मिलेंगे तो बारिशे होंगी
   बिछड़ेंगे तो एक झूठा वादा मिलने का
   लेकिन रहेंगे गर्दिश में सितारों की तरह
   देख लेना
   मेरे नाम के साथ तुम्हारा नाम जुड़ते रहेंगे
  अब
 आना है तो आओ |

                               

8. एक सिहरन सी उठी 
    हर कर्कश आवाज़ मधुर बनी
    मेरे पतले बिस्तर गद्देदार लगे 
    अचानक मै मोटा लगने लगा 
    हर धीमी हवा महसूस हुआ 
    मन की हंसी लगातार हुई
    जब उन्होंने हाँ बोला
    मैंने रब का ही काम किया
   क्या फर्क कब कितना बदनाम हुआ
   हर खुशी देने की आस हुई
   क्या फर्क मै कितना धनवान हुआ
  इतना खूबसूरत सा लगा मै
  क्या फर्क शीशा कितना बदनाम हुआ
  ये रंग,नदिया,समंदर
, ये सुहाना मौसम
 ये हवा में नमी
 ये फूल,ये बागान
 ये नींद,ये शर्मिंदगी
 ये मुकद्दर और ये मोहब्बत
 सब हकीकत लगा
 जब उन्होंने हाँ बोला



9. कभी तो तुम आओ यहाँ 
    सांस तो तुम लो यहाँ 
    हवा मचल के आएगी 
   तुम्हारा पता दे जाएगी 
  मैं दौड़ के वहाँ आऊंगा 
  पालकी में ले जाऊंगा 
 हर नजर से तुम छुप जाओगी 
 बस तुम मेरी हो जाओगी 
 हर वसीयते है यहाँ 
 तुम अपना गिला भूल जाओगी 
 तुम्हे प्यार हो जायेगा 
 फिर मेरा मकसद मिल जायेगा 
 आँधियो को मना लूंगा 
 बादलों से दोस्ती 
 फिर बरखा राह न रोकेंगे 
 सितारे झिलमिलायेंगे 
 हवा साथ गाएगी 
 रफ्ता रफ्ता सब नाचेंगे 
 बहुत दुआए बरसेंगी 
 बस तुम मेरी हो जाओगी |


10. साजन अब तुम बोल देना 
     तुम कहते हो साथ बहुत है
     पर घडिया अब भी रुकी नहीं
     करुणा वाला सन्देश तुम दे जाना
     मैं दूर तलक यु आउंगी 
    मेरा उन्वान भी तुम और अंत भी तुम
    बस होठो पे सजा लेना
    प्रेम तो तुमको है हमसे ?
    पर मेरा प्रेम जगजाहिर है
    कह दो सबसे तुम मेरे हो
    मेरे हक़ में अब तुम भी बोल देना
    साजन अब तुम बोल देना
    तुम्हारी सादगी पे मैं फ़िदा
    इसको तुम अब छेड़ो ना
    दिलो में हमारे फर्क नहीं
   तो रुस्वाई से भी कोई डर नहीं
   रफ़्तार में भी गर तुम साथ रहो
   तो मृत्यु से भी भय नहीं
   जब रुकना आभुषण लाना
   तब मैं श्रृंगार करू
   अभी तो मुझे तुम साथ रखो
   बस किरणों से काम चला लुंगी
   रुकना तो तुम अनुराग सा राग देना
   मुझे जन-रुस्वाई से बचा देना
   बस अपने नाम से मेरा नाम जोड़ देना
   साजन तुम बोल देना |


11.  प्यार एक एहसाह है 
       जो सोते रोते जगते हसते उसकी याद दिलाता है 
       प्यार एक नज्म है 
       जो हर कविता पे उसकी छाप छोड़ देता है 
       प्यार एक खुसबू है 
      जो उसके बदन तक सिमित नहीं है
      उसके लिए किये हर प्रयास में हमारी भी खुसबू है
      प्यार बिश्वास,फ़िक्र ,ममता ,तारीफों की पुलिया है
     जो हम केवल एक पे निछावर नहीं कर सकते
      बाटना पड़ता है लोगो में
     प्यार है तो आप भी आदियोगी है
     प्यार सीखना भी योग है
     प्यार करना भी योग है
    और शिवा प्यार की मूरत है
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12. मेरी सावली सी बात है
      तू आसमां सा दूर हैं
     पर तेरी ओर छोर की दिशा मालूम है
     क्योंकि तेरी आंखो में किताब है
     जिसे पढ़ना बड़ा मजेदार है
     तेरी जुल्फें जो घनेदार
    और कपड़े चटकदार है 
    और साथ में खुशबु तेरी अदाओं की
     सब पता दे जाती है
    तेरी बजुद और  ठिकाने की
    बस , मैं इबादत में हाथ फैला सकता हूँ 
    क्योकि 
   तू मेरी नजरो का खुदा है 
   जो आसमां सा दूर है |

13. शाम को रात होने से बचाना है,
      दोपहर को उनसे मिलने जाना है ।



                                  ( समय के साथ इसमें नई आवाजे  जुड़ती जाएगी  )

शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

कही तो मैं गलत था

     कही तो मैं गलत था
     हर रोज घंटो पहले उस मोड़ पे आ के तेरा इंतज़ार करता
     बेवजह
     हर रोज वही तेरी गुस्सा को प्यार समझता
     करता फिर भी सबके सामने अपनी रुस्वाई
     कही तो मैं गलत था
     तेरी हर क्रोध पे मैं शोध करता
    तुझे उल्लाश के लिए कुछ उपहास सहता
    तेरी हर ख्वाइश को समझा अपना मकसद
    कही तो मैं गलत था
    वो फूलो की थाली तुझे पकड़ाना (बाकि लड़कियों से बचा के )
    तेरे आने के इंतज़ार में वो देर से प्राथनाए
    वो सारी मेरी सजावटें
    वो सारी मेरी सवारते
    वो सारी मेरी चुपिया
    वो सारी मेरी कहावते
    वो सारी मेरी बनावटी कहानिया
    कही तो मैं गलत था
   तुम जानती की मैं तुमको चाहता
   तुम जानती की मैं तुमको मानता
   तुम जानती की मैं तुम हंसाता
   तुम जानती की मैं दुलारता
   कही तो मैं गलत था
   वो शर्म के मारे कोने में मेरा छुपना
   एक बंद आँखों से तुम्हे देखना
   तुमको अपने सामने होने खुद को रखना
   मिलने से पहले दस बार खुद को धुलना
   तुम्हारी हांथो पे लड़िया पड़ने से बचाना
   कही तो मैं गलत था
   वो तुम्हे रोते देख इशारो में दुसरो से पूछना
   खुश करने के लिए बेवजह गिर जाना
   खुद से ही बाते कर तुमसे जवाब मांगना
   कही तो मैं गलत था
   उन् छडियो को तोड़ देना जो तुमपे पड़ती
  उसके लिए दूर तक जाना
  फिर हँसते हुए आना
  हर काम को एक सार्थ मानना
  कही तो मैं गलत था
 आज उसी गलती की सजा से दे रही हो मुझे
 मेरी बेबसी के कारण दूर जा रही हो मुझसे
 मेरे सारे सपनो को तोड़े जा रही हो
 मेरे से बात करके किसी और से उलझ रही हो
 तुम किसी और की होने जा रही हो
 क्योकि मैं नादान था
 और यही थी मेरी गलती ?
 वो सितारों की दुनिया भी बनाऊंगा
 वो नजरे झुका के उस टावर के निचे उस कीमती को बेस्किमती उंगलियों में सजाऊंगा
 पल पल तुममे ही जीने की हर कोशिश करूँगा
 हर नाव पे एक गद्दी रख को उसे आसमानो की सैर करूँगा
 हर आंसू को उन्ही पलकों पे सजा दूंगा
 हर ख्वाइश पे ख्वाइश की मांग रक्खूँगा
 बस एक बार
 एक बार
 मुझे आवाज तो दो
 देखो तो सही
 आज भी बचा हु कुछ
 उसी मस्तियो के साथ
 टुटा हु कुछ कारणो से बिखरा नहीं
 समेटो तो सही
 हाथ न सही साथ तो दो
 हाथ मैं खुद थाम लूंगा
 एक बार पलट कर आवाज तो दो
क्योकि बहुत कुछ तो मैं सही भी था