मंगलवार, 14 जुलाई 2026

Option

 अब जीवन दो ही पड़ाव में है 

खुद से लड़ाई एक अफ़साने पे ले आयी है 

जीवन में एक लय तुम से आयी है 

तो तुम्हारे जाने वाले रास्ते पे एक इल्जाम बुना बैठा है 

गीत संगीत ताल वाद्य नृत्य तुमसे है 

इश्क़ मोहब्बत और प्यार तुमसे है 

रुशवा , ख़फ़ा नाराजगी तलब तकलीफ और अश्क़ तुमसे है 

हसीं ख़ुशी सुख दुःख मुस्कान तुमसे है 

तेरा मेरा दोस्त दुश्मन रिश्ते नाते घर परिवार तुमसे है 

रूप रेखा काज साज अर्पण दर्पण श्रृंगार तुमसे है 

रस्म रिवाज ईश्वर मंदिर तुमसे है 

फूल पहाड़ इत्र नेत्र नदी झरना तुमसे है 

अदा अदब बैर डर हिम्मत ख़ौफ़ दिलेर और अहम् तुम्हारे होने से है 

तुम्हारे बिना ये बातें रिश्ते और भावनाये सिर्फ संसार में मेरे जैसे पड़े होंगे 


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