अब जीवन दो ही पड़ाव में है
खुद से लड़ाई एक अफ़साने पे ले आयी है
जीवन में एक लय तुम से आयी है
तो तुम्हारे जाने वाले रास्ते पे एक इल्जाम बुना बैठा है
गीत संगीत ताल वाद्य नृत्य तुमसे है
इश्क़ मोहब्बत और प्यार तुमसे है
रुशवा , ख़फ़ा नाराजगी तलब तकलीफ और अश्क़ तुमसे है
हसीं ख़ुशी सुख दुःख मुस्कान तुमसे है
तेरा मेरा दोस्त दुश्मन रिश्ते नाते घर परिवार तुमसे है
रूप रेखा काज साज अर्पण दर्पण श्रृंगार तुमसे है
रस्म रिवाज ईश्वर मंदिर तुमसे है
फूल पहाड़ इत्र नेत्र नदी झरना तुमसे है
अदा अदब बैर डर हिम्मत ख़ौफ़ दिलेर और अहम् तुम्हारे होने से है
तुम्हारे बिना ये बातें रिश्ते और भावनाये सिर्फ संसार में मेरे जैसे पड़े होंगे
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