आवाज नहीं ,आहत बरसेगा
चलो थोड़ी दुरी ही सही
लेकिन हम पे अणिमा इबादत बरसेगी
छुपकर सही मिलते तो है
कम ही सही कहते तो है
मिलने के लिए सजते तो है
दे दो बस एक गुलाब दूर हो जाओ मुझसे
चलो थोड़ी दुरी ही सही
लेकिन हम पे अणिमा इबादत बरसेगी
छुपकर सही मिलते तो है
कम ही सही कहते तो है
मिलने के लिए सजते तो है
दे दो बस एक गुलाब दूर हो जाओ मुझसे
खामोशिया है तो महकमे सोये है
जगाओ नहीं
अगर मजहबी पाव सिरहने लगी तो
नाम बहुत से आएंगे
किसी फतवे को रोक नहीं पाओगे
और साथ में हम मर भी नहीं पाएंगे
कोई अमर गाथा नहीं होगी
ढोंगी लब्जो पे गाली लगेंगे
इसलिए
जगाओ नहीं
अगर मजहबी पाव सिरहने लगी तो
नाम बहुत से आएंगे
किसी फतवे को रोक नहीं पाओगे
और साथ में हम मर भी नहीं पाएंगे
कोई अमर गाथा नहीं होगी
ढोंगी लब्जो पे गाली लगेंगे
इसलिए
दे दो गुलाब और हॅसते हुए दूर हो जाओ मुझसे
कुछ नहीं तो मेरे प्यार की दुआ बरसेगी I
कुछ नहीं तो मेरे प्यार की दुआ बरसेगी I